भजन कर मनजी राम थोडी जींदगानी
भजन कर मनजी राम थोडी जींदगानी
ईस माया का गर्व न करीये, अंत संग नहीं आनी
ईस देही का मान न करीये, यही खाक हो जानी ... भजन कर
भाई बंधु तेरे कुटुंब कबीला, कर रहे खेंचातानी
कहत कबीर सुनो भाई साधो, रह जाय अमर निशानी .. भजन कर.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Share kre