शुक्रवार, 5 जनवरी 2018

*PART-7* *भारत की झीलें:-*


         *PART-7*
*भारत की झीलें:-*

*हुसैन सागर झील:-*

➡:-हुसैन सागर, तेलंगाना, भारत में एक कृत्रिम झील है जो हैदराबाद में है। 
➡यह मूसी नदी की सहायक नदी पर 1562 में निर्मित किया गया। 1992 में गौतम बुद्ध की एक बड़ी अखंड मूर्ति, झील के बीच में एक टापू पे खडी की गई।
*यह हैदराबाद को अपने जुड़वां नगर सिकंदराबाद से अलग करती है।*
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*पंचपद्रा झील:-बाड़मेर(राजस्थान)*

➡:- राजस्थान के बाड़मेर जिले के बालोतरा के पास स्थित इस झील का निर्माण पंचा भील के द्वारा कराया गया अतः इसे पंचपद्रा कहते हैं।
इस झील का नमक समुद्री  झील के नमक से मिलता जुलता है।
इस झील से प्राप्त नमक में 98 प्रतिशत मात्रा सोडियम क्लोराइड है। अतः यहां से प्राप्त नमक उच्च कोटि का है।
इस झील से प्राचीन समय से ही खारवाल जाति के परिवार मोरली वृक्ष की टहनियों से नमक के क्रिस्टल (स्फटिक) तैयार करते हैं।

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*वुलर झील:-जम्मू कश्मीर*

➡:-वुलर​ झील जम्मू व कश्मीर राज्य के बांडीपोरा ज़िले में स्थित है।

*यह भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है।*

यह झेलम नदी के मार्ग में आती है और झेलम इसमें पानी डालती भी है और फिर आगे निकाल भी लेती है।

मौसम के अनुसार इस झील के आकार में बहुत विस्तार-सिकोड़ होता रहता है - इसका अकार 30 वर्ग किमी से 260वर्ग किमी के बीच बदलता है। अपने बड़े आकार के कारण इस झील में बड़ी लहरें आती हैं।

प्राचीनकाल में 'महापद्म देवता' इस झील के अधिदेवता थे और उनके नाम पर इस झील को 'महापद्मसर' कहा जाता था।

झील का अकार बड़ा होने से यहाँ दोपहर में बड़ी लहरें उठती हैं जिस से इसकी शांत सतह पर देखते-ही-देखते ऊँची और ख़तरनाक लहरे उठने लगती हैं।

संस्कृत में इन कूदती हुई लहरों को 'उल्लल' कहा जाता है और यही नाम विकृत होकर 'वुलर' पड़ गया।

वुलर  झील के पूर्वी किनारे जैन *"लंक"*नामक द्वीप है यहां कृत्रिम द्वीप है। इसे1444 में कश्मीर के सुल्तान जैनुल आबदीन ने बनवाया था ।
जैनुअल आबदीन को कश्मीर के लोग उन्हें इज्जत से "बुड शाह"के नाम से याद करते है।
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*पुलीकटझील:-आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु*

➡:-पुलीकट झील आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है। यह 350 किलोमीटर में फैली  एक (छिछली) अनूप/लैगून झील है।
इस झील की औसत गहराई 18 मीटर है। यह समुद्र से बालू की भित्ति द्वारा अलग होने से बनी है।

इस झील का 84%आंध्रप्रदेश व 16%तमिलनाडु की सीमा मे स्थित है।
इस झील में चानो-चानो नामक मछली पाई जाती है।

इस झील के किनारें  पुरानाडच कब्रिस्तान है।
हाल ही मे हुए सर्वे से  पुलीकट झील  के संकटग्रस्त होने का दावा किया गया है।इसके लिए मानवीय गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

////// *रमेश डामोर सिरोही*//////

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