दुनिया में सबसे प्यारी मां होती है, जो अपने बच्चों से कभी खफा नहीं होती
प्लीज फॉलो के बटन को दबाना ना भूले।
लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती बस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती।
जब तक रहा हूँ धूप में चादर बना रहा मैं अपनी माँ का आखिरी ज़ेवर बना रहा।
किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकान आई मैं घर में सब से छोटा था मेरे हिस्से में माँ आई।
ऐ अँधेरे! देख ले मुँह तेरा काला हो गया माँ ने आँखें खोल दीं घर में उजाला हो गया।
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है।
मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ।
ख़ुद को इस भीड़ में तन्हा नहीं होने देंगे माँ तुझे हम अभी बूढ़ा नहीं होने देंगे।
अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कु्छ भी नहीं होगा मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है।
कुछ नहीं होगा तो आँचल में छुपा लेगी मुझे माँ कभी सर पे खुली छत नहीं रहने देगी।
माँ के आगे यूँ कभी खुल कर नहीं रोना जहाँ बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती।
माँ की ज्योति से नूर मिलता है सबके दिलों को सुरूर मिलता है, जो भी जाता है माता के द्वार उसे कुछ ना कुछ जरूर मिलता है।
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