सोमवार, 2 दिसंबर 2019

हस्तरेखा शास्त्र: हथेली में सरस्वती योग बनाता है ज्ञानी और धनवान, जानिए कहां होता है हाथ में सरस्वती योग

हस्तरेखा शास्त्र: हथेली में सरस्वती योग बनाता है ज्ञानी और धनवान, जानिए कहां होता है हाथ में सरस्वती योग

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार जिन लोगों के हाथ में सरस्वती योग बनता है उन्हें न केवल मां सरस्वती की बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है तो चलिए जानते हैं हाथ में कहा बनता है सरस्वती योग

Hastrekha Shastra : हस्तरेखा शास्त्र : किसी भी मनुष्य की कुंडली में बनने वाले राज योगों को केवल कुंडली के माध्यम से ही नहीं बल्कि उसके हाथ में भी देखा जा सकता है। ऐसा ही एक योग है सरस्वती योग जो मनुष्य को ज्ञान के साथ आर्थिक रूप से भी संपन्न बनाता है। तो चलिए जानते हैं हाथ में कहा बनता है सरस्वती योग

क्या होता है सरस्वती योग (Kya Hota Hai Saraswati Yog)

जिस जातक की कुंडली में गुरु, बुध और शुक्र यदि एक साथ केंद्र, त्रिकोण और दूसरे भाव में ये तीनो ग्रह एक साथ बैठ जाएं तो सरस्वती योग का निर्माण होता है। ऐसा व्यक्ति ज्ञानी, बुद्धिमान और उच्च पद को प्राप्त करता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में गुरु या तो अपनी उच्च राशि में होने चाहिए, स्वंय की राशि में होने चाहिए। इसके अलावा यदि गुरु अपनी मित्र राशि में भी हैं तो भी इस योग का निर्माण होता है। लेकिन यदि गुरु अपनी नीच राशि,शत्रु राशि या फिर अशुभ ग्रहों से दृष्ट हों तो ऐसे जातक को सरस्वती योग का लाभ प्राप्त नहीं होता।

हाथ में कैसे बनता है सरस्वती योग (Hath Mai Kaise Banta Hai Saraswati Yog)

यदि किसी व्यक्ति के हाथ में चंद्र पर्वत और गुरु पर्वत दोनो विकसित हो। इसी के साथ एक चंद्र पर्वत से एक रेखा गुरु पर्वत पर जाए और दूसरी रेखा गुरु पर्वत से चंद्र पर्वत की और जाए तो यह योग सरस्वती योग का निर्माण करता है। ऐसे योग में जन्मे बालक पर सरस्वती माता की कृपा हमेशा बनी रहती है। इन लोगों किसी न किसी कला में महारत हासिल जरूर होती है। इतना ही नहीं ऐसे लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा भी हमेशा बनी रहती है। इस प्रकार के लोग अपने ज्ञान के बल पर धन को अर्जित करते हैं।

कैसे भंग होता है सरस्वती योग (Kaise Bhang Hota Hai Saraswati Yog)

किसी व्यक्ति के हाथ में यदि चंद्र पर्वत या गुरु पर्वत में से एक दबा हुआ है या फिर चंद्र पर्वत और गुरु पर्वत पर एक ही रेखा जा रही हो या फिर इन रेखाओं को कोई अन्य रेखा काट रही हो। इसी के साथ यदि चंद्र पर्वत पर रेखाओं का जाल हो तो ऐसे व्यक्ति के हाथ में सरस्वती योग भंग हो जाता है। जिसकी वजह से ऐसा व्यक्ति सामान्य स्तर का ही जीवन व्यतीत करता है। उसे जीवन में विशेष प्रकार की कोई विद्या प्राप्त नहीं होती।

सरस्वती योग के लाभ (Saraswati Yog Ke Labh)

1. सरस्वती योग में जन्मा व्यक्ति अत्याधिक ज्ञानी, बुद्धिमान और धनी होता है।

2. ऐसे व्यक्ति सभा में यदि भाषण देता है तो लोग बड़े ही ध्यान से उसका भाषण सुनते हैं।

3. इस प्रकार का व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में बहुत ऊंचे पद पर पहुंचता है।

4. जिस व्यक्ति की कुंडली में सरस्वती योग का निर्माण होता है वह किसी बड़े स्कुल या कॉलेज का प्रिंसिपल बनता है। ऐसे व्यक्ति वैज्ञानिक भी बनते हैं।

5. सरस्वती योग मे जन्म लेने वाला व्यक्ति हमेशा ज्ञान अर्जित करता रहता है।

6. इस प्रकार के व्यक्ति लेखन कला में भी माहिर होते हैं।

7. संगीत और साहित्य के क्षेत्र में इस योग वाले व्यक्ति अपने परिवार और देश का नाम रोशन करते हैं।

8. इन लोगों में तार्किक क्षमता गजब की होती है।

9.ये लोग शिक्षा के क्षेत्र से हमेशा जुड़े रहते हैं।

10. इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति अत्याधिक धनवान और ऐश्वर्यवान भी होता है।

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