बातें थोड़ी कड़वी जरूर है लेकिन 100 प्रतिशत सच्ची हैं
जो समय के साथ नहीं चलता,
फिर उसके साथ कोई नहीं चलता।
समय से बड़ा गुरु, दानी, बलवान,
इस संसार में कोई नहीं है।
समय की सीख,
जीवन भर याद रहती है।
समय बीत जाने के बाद कदर की जाए तो,
वो कदर नहीं अफसोस कहलाता है।
समय जब निर्णय करता है तो,
गवाहों की जरूरत नहीं पड़ती है।
जो समय के साथ नहीं चलता,
फिर उसके साथ कोई नहीं चलता।
बदल तो इंसान रहा है,
दोष समय को दे रहा है।
आप रुक सकते है लेकिन समय नहीं,
इसलिए धीरे ही सही लेकिन चलते रहे।
सच हमेशा कड़वा होता है लेकिन यहां कहने से कौन डरता है? वाह, वाह के लिए यहां कौन लिखता है? आपको अच्छा लगे बस इतना काफी है। अगर इन विचार में से किसी भी विचार ने आपके दिल को छुआ है तो शेयर जरूर करें और comment कर अपने विचारों को बताना बिल्कुल न भूले। अगर आप इसी प्रकार के लेख पढ़ना चाहते है तो मुझे फाॅलो करना भी बिल्कुल न भूले, धन्यवाद।








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