((((((Motivation Story))))))))
# दो_मुंह_वाली_चिड़िया
नंदन वन में एक नन्हीं चिड़िया रहती थी जिसके दो
मुँह थे। दो मुँह होने के कारण वह चिड़िया दूसरे
पछियों से बिल्कुल विचित्र दिखती थी। वह चिड़िया
एक बरगद के पेड़ पर घौंसला बना कर रहती थी।
एक दिन वह चिड़िया जंगल में भोजन की तलाश में
इधर उधर उड़ रही थी। अचानक चिड़िया के दायें
वाले मुँह की नजर एक लाल फल पर पड़ी। देखते ही
उसके मुँह में पानी आ गया और वह तेजी से वो लाल
फल खाने को आगे बढ़ी।
अब चिड़िया का दायाँ मुँह बड़े स्वाद से वो फल खा
रहा था। बायाँ मुँह बेचारा बार बार दाएं मुंह की तरफ
देख रहा था कि ये मुझे भी खाने को दे लेकिन दायाँ
वाला चुपचाप मस्ती से फल खाये जा रहा था।
अब बाएँ मुँह ने दाएँ वाले से प्रार्थना की, कि थोड़ा
सा फल खाने को मुझे भी दे दो तो इसपर दाएं मुंह ने
गुस्सा दिखाते हुए कहा – कि हम दोनों का पेट एक
ही है। अगर मैं खाऊँगा तो वो हमारे पेट में ही
जायेगा। लेकिन उसने बाएं वाले को कुछ खाने को नहीं
दिया।
अगले दिन चिड़िया फिर से जंगल में खाने की तलाश
में उड़ रही थी। तभी बाएं मुँह की नजर एक अदभुत
फल पर पड़ी जो बहुत चमकीला था। वह तेजी से उस
फल की तरफ लपका। अब जैसे ही वो फल खाने को
हुआ तुरंत पास बैठे एक कौए ने चेतावनी दी कि इस
फल को मत खाओ ये बहुत जहरीला है।
ये सुनकर दायाँ मुंह भी चौंका और बाएं से प्रार्थना
की कि इस फल को मत खाओ ये हमारे लिए बहुत
खतरनाक साबित होगा लेकिन बाएं मुंह को तो दाएं से
बदला लेना था।
उसने एक ना सुनी और चुपचाप वह फल खाने लगा।
कुछ ही देर में चिड़िया का शरीर मृत होकर जमीन पर
गिर पड़ा।
दोस्तों कहानी पढ़ने में तो आनंद आया होगा लेकिन
जब मैं आपको इसकी शिक्षा बताऊंगा तो आपकी
आँखे फटी रह जाएँगी। आजकल के माहौल में देखा
जाता है कि एक ही परिवार के लोग एक दूसरे से
ईर्ष्या करते हैं, एक दूसरे से दुश्मनी रखते हैं।
लेकिन जब भी वह एक दूसरे को नुकसान पहुँचाने का
सोचते हैं, या एक दूसरे से बदला लेने का सोचते हैं तो
नुकसान पूरे परिवार का ही होता है। इसलिए एक दूसरे
से मिल जुल कर रहें, क्योंकि अगर परिवार का एक
भी सदस्य गलत काम करे तो नुकसान पूरे परिवार
का होता है। यही इस कहानी की शिक्षा है। धन्यवाद
जय_माता_दी
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