ऐसी दिवानी दुनिया
ऐसी दिवानी दुनिया.
ऐसी दिवानी दुनिया, भक्तिभाव नहि बूझेजी…ऐसी दिवानी
कोई आवै तो बेटा मांगे, यही गुसांई दीजै जी,
कोई आवै दुःखका मारा, हम पर किरपा कीजै जी… ऐसी दिवानी
कोई आवै तो दौलत मांगै, भेट रूपैया लीजै जी,
कोई करावै ब्याह सगाई, सुनत गुसांई रीझै जी… ऐसी दिवानी
सांचेका कोई ग्राहक नाहिं, झूठे जगतपति जै जी,
कहत कबीरा सुनो भाई साधो, अज्ञानीको क्या कीजै जी… ऐसी दिवानी
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