दोहा २८
कबीर सो धन संचे, जो आगे को होय.
सीस चढ़ाए पोटली, ले जात न देख्यो कोय.
अर्थ: कबीर कहते हैं कि उस धन को इकट्ठा करो जो भविष्य में काम आए. सर पर धन की गठरी बाँध कर ले जाते तो किसी को नहीं देखा.
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है... याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :- 1- 90 प्रत...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Share kre