सोमवार, 1 जून 2020

Nirjala Ekadashi 2020: 2 जून को है न‍िर्जला एकादशी, जानें पूजन व‍िध‍ि, मुहूर्त और महत्‍व


Nirjala Ekadashi 2020: 

2 जून को है न‍िर्जला एकादशी, जानें पूजन व‍िध‍ि, मुहूर्त और महत्‍व

1/5सनातन धर्म में व‍िशेष है न‍िर्जला एकादशी

2/6न‍िर्जला एकादशी का शुभ मुहूर्त और व‍िध‍ि

निर्जला एकादशी 1 जून को दोपहर 2 बजकर 57 मिनट से आरंभ होकर 2 जून को 12 बजकर 04 मिनट पर समाप्त हो रहा है। इसलिए व्रती इस दिन भगवान श्रीविष्णु की पूजा दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक कर सकते हैं। जानकारों के अनुसार व्रती को गंगा दशहरा के दिन से ही तामसी भोजन का त्याग कर देना चाहिए। साथ ही लहसुन और प्याज मुक्त भोजन ग्रहण करना चाहिए। रात में भूमि पर शयन करें। अगले दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर सबसे पहले श्रीहरि का स्मरण करें। इसके बाद नित्यकर्मों से निवृत होकर स्‍नान के पानी में गंगाजल डालकर स्‍नान करें। अब आचमन कर व्रत संकल्प लें। फिर पीला वस्त्र (कपड़े) पहनें। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।


3/6ऐसे करें निर्जला एकादशी की पूजा

4/6इसलिए कहते हैं भीमसेन एकादशी भी

5/6ऐसा हुआ भीम की समस्‍या का न‍िदान

महर्षि ने भीम की समस्या का निदान करते और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा- नहीं कुंतीनंदन, धर्म की यही तो विशेषता है कि वह सबको धारण ही नहीं करता। सबके योग्य साधन व्रत-नियमों की बड़ी सहज और लचीली व्यवस्था भी उपलब्ध करवाता है। अतः आप ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की निर्जला नाम की एक ही एकादशी का व्रत करो और तुम्हें वर्ष की समस्त एकादशियों का फल प्राप्त होगा। निःसंदेह तुम इस लोक में सुख, यश और प्राप्तव्य प्राप्त कर मोक्ष लाभ प्राप्त सके

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