साल में दिमाग नया, चार साल में काया
हर पांच दिन पर हमारा पेट अंदर से एकदम नया हो जाता है। हर छह हफ्ते बाद हमारे पास एकदम नया लीवर होता है। हर तीस दिन पर हमारी त्वचा एकदम नई हो जाती है। हर साल हमारा दिमाग अपनी कोशिकाओं को रिसाइकल कर नया हो जाता है। चार साल से भी कम वक्त में हमारा शरीर आखिरी अणु तक एकदम नया हो जाता है। इसलिए नए को सही खुराक और सांस मिले तो पुराने रोग अपने-आप पीछे छूट जाते हैं।
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